जिस तरह हम फेसबुक पर लाइक्स के लिए तरसते हैं काश कि हम अपने और अपनों के लिए तरसते

जिस तरह हम फेसबुक पर लाइक्स के लिए तरसते हैं काश कि हम अपने और अपनों के लिए तरसते

July 22, 2018

कहते हैं कि कवि जब ‘भावनाओं की प्रसव’ से गुजरते हैं तो कविता प्रस्फुटित होती है .  कविवर शुक्ल जी ने तो यहाँ तक कहा की ‘कविता से मनुष्य-भाव की  रक्षा होती है’  और इसे जीवन की अनुभूति कहा . दरअसल यूँ…